गोवा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में फिल्म उद्योग के लिए उत्तराखंड सरकार के प्रयासों की हुई सराहना
गोवा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में फिल्म उद्योग के लिए उत्तराखंड सरकार के प्रयासों की हुई सराहना
देहरादून-अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल गोवा में आयोजित 56वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के अन्तर्गत आयोजित IFFI waves film Bazaar-2025 में आज Knowledge Series का आयोजन किया गया। जिसका विषय Cinemascape Uttarakhand: Stories in the Mountains रखा गया। जिसमें मुख्य रूप से उत्तराखंड के बढ़ते सिनेमाई प्रभाव, नई फिल्म नीति और राज्य में फिल्म निर्माण के लिए विकसित किए जा रहे अनुकूल वातावरण पर चर्चा की गई।
चर्चा की शुरुआत करते हुए निर्देशक, पटकथा लेखक और निर्माता यशस्वी जुयालने कहा कि उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बेहतरीन लोकेशन और फिल्म-फ्रेंडली वातावरण के कारण आज देश दुनिया के सिनेमा में उभरता हुआ महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है। सत्र के प्रमुख वक्ता डॉ. नितिन उपाध्याय ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में राज्य में नई फिल्म नीति लागू की गई है, जिसके सार्थक परिणाम सामने आने लगे है। डॉ. उपाध्याय ने कहा कि उत्तराखंड अब केवल एक लोकेशन-स्टेट नहीं रहा, बल्कि एक ऐसा प्रोडक्शन फ्रेंडली प्रदेश बनता जा रहा है,जहाँ कंटेंट क्रिएशन, टैलेंट डेवलपमेंट, फिल्म इन्फ्रास्ट्रक्चर और सरकारी सहयोग समानांतर रूप से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपनी क्षेत्रीय भाषाओं को लेकर भी संवेदनशील है और उनके लिए भी हर स्तर पर सहयोग दिया जा रहा है। सत्र में अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माता अरफ़ी लांबा ने वैश्विकप रिप्रेक्ष्य से उत्तराखंड में फिल्म शूटिंग की संभावनाओं को रेखांकित किया। सत्र के अंत में मॉडरेटर यशस्वी जुयाल ने कहा कि यह संवाद न केवल उत्तराखंड की बढ़ती सिनेमाई संभावनाओं को रेखांकित करता है, बल्कि आने वाले वर्षों में राज्य को एक वैश्विक सिनेमा हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
