अच्छी ख़बर! रघुनाथ कीर्ति में खुला उत्तराखंड मुक्त विवि का अध्ययन केंद्र
अच्छी ख़बर! रघुनाथ कीर्ति में खुला उत्तराखंड मुक्त विवि का अध्ययन केंद्र
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय और उत्तराखंड मुक्त विवि के बीच एमओयू
देवप्रयाग। नौकरी में रहते उच्च शिक्षा की पढ़ाई करने वाले देवप्रयाग क्षेत्र के लोगों के लिए उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने सुविधा प्रदान कर दी है। पौड़ी के साथ ही अब देवप्रयाग में भी इस विश्वविद्यालय का अध्ययन केंद्र खोल दिया गया है। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर में मुक्त विवि का यह 141वां स्टडी सेंटर है।

केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय (श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर) और उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के बीच एक समझौता (एमओयू ) किया गया। इसके तहत दोनों संस्थान विभिन्न आपसी शैक्षणिक गतिविधियों को एक-दूसरे के साथ समन्वय के साथ संचालित करेंगे।
मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीनचंद्र लोहनी ने इस अवसर पर कहा कि देवप्रयाग और आसपास अभी तक मुक्त विवि का अध्ययन केंद्र न होने से यहां के विद्यार्थियों को पौड़ी, श्रीनगर इत्यादि स्थानों पर जाना पड़ता था, परंतु अब उन्हें घर के निकट ही यह सुविधा मिल गई है। देवप्रयाग में श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर में अध्ययन केंद्र खुलने से मुक्त विवि के छात्रों में और अधिक वृद्धि होने की संभावना है।
श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर के निदेशक प्रो पीवीबी सुब्रह्मण्यम ने कहा कि हमारे यहां वर्तमान में लगभग 600 छात्र हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा एक साथ दो डिग्री कोर्स करने की मान्यता दिए जाने के बाद विद्यार्थियों में पढ़ने और विभिन्न कोर्स करने की ललक बढ़ी है। हमारे परिसर के छात्रों को अब अपने ही घर में यह सुविधा मिल जाएगी। दो बड़े शिक्षण संस्थानों का एक साथ कार्य करना उच्च शिक्षा के लिए भी महत्त्वपूर्ण और लाभदायक है। अब परिसर के पुस्तकालय में एक सेक्शन मुक्त विश्वविद्यालय की पुस्तकों के लिए बनाया जाएगा। हमारे संस्कृत पढ़ रहे छात्र आधुनिक विषयों अर्थशास्त्र, हिंदी, राजनीति विज्ञान, इतिहास में साथ ही साथ कोर्स कर सकते हैं। अनेक विषय एक साथ पढ़ने से बच्चों के सामने रोजगार के अधिक विकल्प हो जाएंगे।
मुक्त विश्वविद्यालय के पौड़ी क्षेत्रीय निदेशक प्रो एमसी पुरोहित ने कहा कि केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में इस केंद्र के खुलने से छात्र यहां अधिक आएंगे। चंद्रबदनी के निकट नैखरी या पौड़ी के कल्जीखाल में दूरस्थ होने के कारण छात्र वहां बहुत कम थे। पौड़ी में गढ़वाल विश्वविद्यालय के परिसर के कारण मुक्त विश्वविद्यालय के छात्र बढे़, देवप्रयाग में भी ऐसी संभावना है। यहां परिसर के अध्यापकों से मुक्त विश्वविद्यालय को परामर्शदाता इत्यादि की सुविधाएं मिलेंगी।
इस अवसर पर मुक्त विश्वविद्यालय के सहायक क्षेत्रीय निदेशक पंकज कुमार, डॉ वीरेंद्र सिंह बर्त्वाल, डॉ अवधेश बिजल्वाण आदि उपस्थित थे।
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के द्वारा श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर में इस मौके पर विभिन्न विषयों की अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई गई।

