उत्तराखंड

चमोली जिले में नील-हरित शैवाल एवं जड़ी बूटी को लेकर आयोजित हुई समीक्षा बैठक

चमोली जिले में नील-हरित शैवाल एवं जड़ी बूटी को लेकर आयोजित हुई समीक्षा बैठक

चमोली-चमोली जिले के गोपेश्वर मंडल में जड़ी बूटी शोध एवं विकास संस्थान में आज मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में नील-हरित शेवाल एवं जड़ी बूटी को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित हुई। जिसमें भारतीय कृषि अनुसंधान के प्रधान वैज्ञानिकों एवं जड़ी बूटी संस्थान के वैज्ञानिकों ने विस्तार से जानकारियां दी।

डा0 अभिषेक तिवारी ने बताया कि मनरेगा के तहत विभिन्न औषधीय पौंधों की कृषि हेतु किसानों को तीन नाली भूमि की मुफ्त पौध उपलब्ध करवायी जा रहीं है, जिसमें किसान औषधीय पौंधों की 26 प्रजातियों जैसे कुटकी, अतीस, कूठ आदि की खेती कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 26 हजार से अधिक किसान जड़ी बूटी की खेती हेतु संस्थान के माध्यम से पंजीकृत हैं, जो कि इसका लाभ ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि नील हरित शैवाल स्पीरूलीना की खेती करना एक अच्छा प्रयास है, इससे आमजन तक इसका लाभ पहुंचेगा और किसानों की आय में वृद्वि होगी।

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