उत्तर क्षेत्रीय रूपक महोत्सव में रघुनाथ कीर्ति को प्रथम स्थान
उत्तर क्षेत्रीय रूपक महोत्सव में रघुनाथ कीर्ति को प्रथम स्थान
देवप्रयाग की टीम का नाटक ‘भारतीयज्ञानपरंपरा’ रहा अव्वल
देवप्रयाग। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर ने उत्तर क्षेत्रीय रूपक महोत्सव में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। ‘भारतीयज्ञानपरम्परा’ नामक नाटक के बेहतरीन मंचन पर परिसर के नाट्य दल को यह उपलब्धि हासिल हुई है।
बलाहर (कांगड़ा) में आयोजित स्पर्धा में उत्तर भारत के विभिन्न परिसरों की सहभागिता रही।
प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान संयुक्त रूप से वेदव्यास परिसर तथा प्रयागराज कृषि परिसर को प्राप्त हुआ, जबकि तृतीय स्थान जम्मू परिसर ने अर्जित किया। देवप्रयाग परिसर को नाटक की सर्वोत्तम प्रकाश व्यवस्था का पुरस्कार भी प्रदान किया गया।
देवप्रयाग परिसर ने विनोद शर्मा के निर्देशन विनोद शर्मा में भावपूर्ण, सशक्त एवं प्रभावशाली अभिनय किया। देवप्रयाग की टीम की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते ह निदेशक प्रो.पी. वी.बी. सुब्रह्मण्यम ने समस्त कलाकारों, निर्देशक तथा मार्गदर्शकों को शुभकामनाएँ एवं बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता परिसर के सांस्कृतिक विकास एवं विद्यार्थियों की प्रतिभा का सशक्त प्रमाण है।
महोत्सव के आयोजन में आयोजक समिति द्वारा लिए गए निष्पक्ष एवं सराहनीय निर्णयों की टीम ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
इस सफल आयोजन में संयोजक मोहिनी अरोड़ा तथा आयोजक निदेशक के रूप में प्रो.सत्यम कुमारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विजेता टीम में पवन कुकरेती, गीतांजलि पंत, विशाल भट्ट, आदित्य बुडा़कोटी, अक्षत डंगवाल, अंशुल ममगाईं, नितिन सती, आशुतोष नौटियाल, कुशाग्र अत्री, साहिल शर्मा,गिरीश चंद्र भट्, प्रियांशु पुरोहित, आयुष चमोली, दिव्यांशी बहुगुणा, आदित्य भंडारी, आशुतोष बहुगुणा, विशाल कुमार, उदय शर्मा, मयंक तिवारी, आर्यन कंसवाल,अनूप रतूड़ी शामिल थे। टीम के मार्गदर्शक डा.रवींद्र उनियाल, विभा मिश्रा थे।
