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रघुनाथ कीर्ति के संस्कृत बाल विद्यालय में प्रवेश आरंभ, एक से दस मई तक होंगे दाखिले, परिसर की वेबसाइट पर लिंक

रघुनाथ कीर्ति के संस्कृत बाल विद्यालय में प्रवेश आरंभ, एक से दस मई तक होंगे दाखिले, परिसर की वेबसाइट पर लिंक

देवप्रयाग। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर में छोटे बच्चों के लिए आरंभ होने जा रहे संस्कृत विद्यालय ’सर्वज्ञबालगुरुकुलम्’ में प्रवेश प्रक्रिया आरंभ हो गयी है। 01 मई से आरंभ होने वाले प्रवेश 10 मई तक चलेंगे।

देशभर के विभिन्न राज्यों में स्थित 12 परिसरों वाले केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने इस बार देवप्रयाग स्थित श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर में छोटे बच्चों के लिए गुरुकुल खोलने का फैसला लिया है। इस विद्यालय में प्रवेश लेने वाले छात्रों के रहने और भोजन की व्यवस्था परिसर में ही मामूली शुल्क पर की जाएगी। संस्कृत के संरक्षण और प्रचार-प्रसार तथा शास्त्र रक्षा के उद्देश्य से खोले जा रहे इस विद्यालय का प्रबंधन श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर के हाथ में ही रहेगा। इस विद्यालय को खोलने का एक उद्देश्य यह भी है कि बच्चे बुनियादी स्तर पर ही संस्कृत में दक्ष बन सकें। आगामी सत्र से इस विद्यालय में कक्षा-6 यानी प्रथमा तथा कक्षा-9 यानी पूर्व मध्यमा से पढ़ाई आरंभ हो जाएगी। इसकी प्रवेश प्रक्रिया आरंभ हो गई है।

परिसर निदेशक प्रो0 पीवीबी सुब्रह्मण्यम ने बताया कि नई शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत किये गये प्रावधानों के तहत स्थापित इस विद्यालय में हिंदी, अंग्रेेजी, विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान के साथ ही संस्कृत विषय को प्रमुखता के साथ पढ़ाया जाएगा। नई शिक्षा नीति में भारतीय ज्ञान परंपरा को विशेष महत्त्व दिया गया है। इस विद्यालय का प्रबंधन एक समिति करेगी। इस विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे आगे की कक्षाओं में निष्णात होकर जाएंगे। संस्कृत के क्षेत्र में करियर बनाने वाले छात्रों के लिए इस विद्यालय में पढ़ाई करना बहुत ही फलदायी सिद्ध होगा। बच्चों को शिक्षा के साथ ही योग और खेल भी सिखाए जाएंगे। इन कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया के लिए एक प्रपत्र ऑनलाइन भरना होगा, इसका लिंक श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर की वेबसाइट https://www.csu-devprayag.edu.in/

पर दिया गया है। आरंभ में दोनों कक्षाओं में सीटों की संख्या 20-20 निर्धारित की गयी है।

केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 श्रीनिवास वरखेड़ी ने बताया कि विश्वविद्यालय की उत्कृष्ठ शास्त्र अध्ययन केंद्र के अंतर्गत इस विद्यालय को खोला जा रहा है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य अधिक से अधिक छात्रों को संस्कृत शिक्षा देने के साथ ही संस्कृत शास्त्रों का गहन अध्ययन करवाना भी है। संस्कृत शिक्षा जगत में यह योजना बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायेगी।

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